Skip to main content

महिला एवं बाल अपराध कानून pdf rajasthan police official

Also Read

किशोर न्याय ( बालकों की देख-रेख और संरक्षण) अधिनियम, 2015


Lesson- 9 

महिला एवं बाल अपराध राजस्थान पुलिस PDF
महिला एवं बाल अपराध


सामाजिक पृष्ठभूमि रिपोर्ट :-


  1. बाल कल्याण पुलिस अधिकारी द्वारा, बच्चे की सामजिक पृष्ठभूमि रिपोर्ट (सोशल बैकग्राउंड रिपोर्ट- एस.बी.आर-प्रारूप 4) बच्चे की किसी अपराध में शामिल होने पर तैयार कर किशोर न्याय बोर्ड को भेजी जायेगी।
  2. जिले के सभी बाल कल्याण पुलिस अधिकारियों, बाल कल्याण अधिकारियों, परिवीक्षा अधिकारियों, पैरालीगल स्वयंसेवियों की इस रिपोर्ट के बारे में समझ होना चाहिए।

बच्चों एवं महिलाओं के प्रति हो रहे अपराधों को रेखांकित किया गया है व उनके संरक्षण हेतु बनाए गए कानूनी प्रावधानों एवं प्रक्रियाओं में पुलिस की विशेष भूमिका सुनिश्चित की गयी है। जब भी किसी बच्चे या महिला के प्रति कोई अपराध की घटना होती है या किसी बेसहारा महिला या बच्चे को पाया जाता है तब सबसे पहले, पुलिस से ही इनका संपर्क होता है। ऐसे में यह बेहद जरूरी हो जाता है कि पुलिस कर्मी और विशेष रूप से बाल संरक्षण पुलिस अधिकारी, एवं महिला पुलिस अधिकारी बाल एवं महिलाओं से जुड़े कानूनी प्रावधानों से परिचित हों, प्रक्रियाओं के बारे में दक्ष, उनके प्रति संवेदनशील एवं उनको समुचित संरक्षण दिलाने में समर्थ हों ।

बच्चों एवं महिलाओं से सम्बंधित मामलों में पुलिस की भूमिका :-


  1. अपराध होने की संभावना अथवा अपराध होने पर रिपोर्ट लिखना।
  2. बच्चों एवं महिलाओं से सम्बंधित प्राप्त शिकायतों को दैनिक रजिस्टर में एंट्री व उनका रख-रखाव करना।
  3. एफ.आई.आर, सामाजिक पृष्ठभूमि रिपोर्ट दर्ज कर जांच करना।
  4. सम्बंधित आयुक्त, श्रम, बाल कल्याण समिति,/ चाइल्ड लाइन से संपर्क एवं समन्वय बनाकर रखें।
  5. बालक और किशोर श्रम (प्रतिषेध और विनियम) अधिनियम, 1986 की धारा 14, 16 के तहत प्राथमिकी सूचना दर्ज करनी चाहिए एवं परिस्थितियों के अनुसार किशोरे न्याय (बालकों की देख रेख और संरक्षण) अधिनियम, 2015 की धारा 75, 79 (जैसा की उलल्‍्लेखित है), बंधुआ मजदूरी उन्मूलन (अधिनियम), 1976 की धारा 16,17,18 और 19 के तहत प्राथमिकी सूचना दर्ज करनी चाहिए।
  6. आदेश जारी करने के लिए बाल -संरक्षण सम्बंधित पुलिस अधिकारी ( चाइल्ड मैरेज पुलिस ऑफिसर -सी.एम.पी.ओ, चाइल्ड वेलफेयर पुलिस ऑफिसर- सी.डब्ल्यूपी.ओ, स्पेशल जुवेनाइल पुलिस यूनिट- एस.जे.पी.यू इत्यादि ) को रिपोर्ट करना।
  7. पुलिस एवं विशेष किशोर पुलिस इकाई देखभाल की आव्यश्यकता रखने वाले बच्चे की सूचना प्राप्त करते ही ऐसे बालक को देख-रेख एवं संरक्षण उपलब्ध करवाएंगे एवं किशोर न्याय ( बालकों की देख-रेख व संरक्षण) अधिनियम, 2015 के अधीन गठित एवं जिम्मेदार बाल कल्याण समिति को सौंपने की कार्यवाही करेगी।
  8. चाइल्ड वेलफेयर कमीटी (सी.डब्ल्यूसी) बच्चे की देख-रेख एवं संरक्षण जांच एवं विचारण / निस्तारण के दौरान सबलता के लिए किसी भी व्यक्ति को नियुक्त कर सकता है।
  9. सी.डब्ल्यू सी. किसी भी बच्चे को ऐसे किसी स्थान पर रुकने से शारीरिक शोषण का खतरा हो तो उसे माता-पिता या अभिभावक के साथ जाने की इजाजत दे सकता है।
  10. जांच के लिए नियुक्त किये गए अधिकारी को सहायता करना, या नियुक्त व्यक्ति की अनुपलब्धता की स्थिति में अपराध का मौका-मुयायना और आव्यश्यक कार्यवाही करना ।
  11. बच्चों से सम्बंधित अपराधों में न तो बच्चे को हिरासत में लिया जाना और न ही उन्हें हथकड़ी लगाई जानी चाहिए।
  12. देखभाल और संरक्षण की आवश्यकता वाले बच्चों के प्रकरण में बच्चों को सहज महसूस करवाने के लिए पुलिस अधिकारी हमेशा सिविल ड्रेस में होना चाहिए 
  13. देखरेख की आवश्यकता वाले बच्चे की सुरक्षा को सुनिश्चित करने की दिशा में कदम उठाना।
  14. ऐसा बच्चा जो माता-पिता के संरक्षण से वंचित है अथवा ऐसे स्थान पर रह रहा है जहां पूरी संभावना है कि उसका शारीरिक शोषण होगा, तो बच्चे को 24 घंटे के भीतर सी.डब्ल्यू सी के समक्ष प्रस्तुत करना ।
  15. बच्चे को चिकित्सीय / स्वास्थ्य. परिक्षण के लिए राजकीय चिकित्सालय, राजकीय चिकित्सालय के चिकित्सक की अनुपस्थिति में रजिस्टर्ड निजी चिकित्सक के पास ले जाना।  
  16. यदि पीड़ित लड़की है तो ऐसी बच्ची का चिकित्सीय,// स्वास्थ्य परिक्षण माता-पिता अथवा ऐसे व्यक्ति की उपस्थिति में करवाया जाना चाहिए जिस पर पीड़ित को विश्वास हो।
  17. किसी बच्ची / लड़की के केस में महिला पुलिस अधिकारी को किसी महिला सामजिक कार्यकर्ता / अध्यापक // आंगनबाड़ी कार्यकर्ता / ए.एन.एम /बच्ची की सहेली प्रकरण के निपटारे के समय साथ होने चाहिए।
  18. मामले की प्रगति रिपोर्ट, प्रक्रिया की बच्चे के माता-पिता, अभिभावक एवं अन्य समर्थकारी संस्था को सूचना देना।
  19. दहेज निषेध अधिनियम के अंतर्गत कोई भी व्यक्ति निकट के पुलिस थाने में शिकायत दर्ज करा सकता है।

Today Quiz :-

 ताजमहल का वास्तुकार था?

  1. उस्ताद मंसूर
  2. उस्ताद ईसा
  3. उस्ताद रहीम 
  4. खफी खॉ

 वाद्य यंत्र, जो कच्छी घोडी नृत्य में बजाया जाता है?
  1. कामायचा
  2. अलगोजा
  3. झांझ॑
  4. सुरनाई

 मध्यकालीन शासक , जिसने शास्त्रीय संगीत की ख्याल शैली के विकास में उल्लेखनीय योगदान दिया है ?
  1. इब्राहिम आदिल शाह
  2. हुसेन शाह शर्की 
  3. फिरोज शाह तुगलक
  4. वाजिद अली शाह

 1822 ई. में गठित मेरवाड़ा बटालियन का मुख्यालय था?
  1. जहाजपुर
  2. ब्यावर
  3. नसीराबाद 
  4. नीमच 

 रॉँकी पर्वतों की सर्वोच्च चोटी है ?
  1. माउण्ट हुड
  2. रॉबसन
  3. एल्बर्ट
  4. ब्लांक

Check Answer -
  1. सही उत्तर उस्ताद ईसा है।
  2.  सही उत्तर झांझ है। 
  3.   सही उत्तर हुसैन शाह शर्की है ।
  4.  सही उत्तर ब्यावर है।
  5.   सही उत्तर एल्बर्ट है।


 आज आपने क्या सीखा 

  1. किशोर न्याय ( बालकों की देख-रेख और संरक्षण) अधिनियम, 2015 के बारें में हैं।
  2. आपने जाना की विशेष किशोर पुलिस इकाई व बाल संरक्षण पुलिस का कार्यो के बारे में ।

 आप कमेंट कर बता सकते हैं कि आपको पोस्ट कैसी लगी साथ ही आप का कोई क्वेश्चन हो हो तो आप कमेंट सेक्शन में पूछ सकते हैं तो मिलते हैं नेक्स्ट पोस्ट में धन्यवाद फॉर रीडिंग माय पोस्ट ।



TAG :-

महिला एवं बाल अपराध राजस्थान पुलिस PDF,
महिला एवं बाल अपराध के प्रश्न,
महिला एवं बाल अपराध कानून pdf Rajasthan Police,
महिला एवं बाल अपराध संबंधित प्रश्न,
महिलाओं एवं बच्चों के प्रति अपराध एवं उनसे संबंधित कानूनी प्रावधान pdf,
महिला एवं बच्चों से संबंधित कानून pdf,
महिला एवं बाल अधिकार,
महिलाओं एवं बच्चों के प्रति अपराध एवं उनसे संबंधित कानूनी प्रावधान,
महिला सम्बंधित अपराध woman related crime Utkarsh,
महिलाओं से संबंधित कानून,
महिलाओं के प्रति अपराध,
महिलाओं और बच्चों के खिलाफ अपराध के बारे में ज्ञान,
महिलाओं के खिलाफ साइबर अपराध,


Lesson-1➡️   Click here
Lesson-2➡️   Click here
Lesson-3➡️   Click here
Lesson-4➡️   Click here
Lesson-5➡️   Click here
Lesson-6➡️   Click here
Lesson-7➡️   Click here
Lesson-7➡️   Click here

Comments

WhatsApp Group Join Now
Telegram Group Join Now
Instagram Group Join Now

Popular posts from this blog

रूपनाथ जी (झरड़ा)- राजस्थान के लोक देवता

राजस्थान व सभी जिलों की आकृति किस के समान है - 2021

हड़बूजी(hadbu ji)- rajasthan ke pramukh lok devta

Dholpur - धौलपुर में क्रांति 1857

कर्ण - कर्ण के पर्यायवाची शब्द

पशु परिचर telegram channel