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मांगलियों के इष्ट देव मेहाजी-Mehoji Mangaliyaa

- जन्म- विक्रम संवत 1332(1388)
- पिता- केलु जी
- घराना- सिसोदिया वंशीय राजपूत
- विवाह- महेचा मलीनाथ की बेटी के साथ हुआ
- निधन- रातडिये मगरे
- क्षेत्र- जोधपुर (बापीणी)
मेहाजी सभी मांगलियों के इष्ट देव के रूप में पूजे जाते हैं । मेहाजी का सारा जीवन धर्म की रक्षा और मर्यादाओं के पालन में बीता । जैसलमेर के राव राणंगदेव भाटी से युद्ध करते हुए वीरगति को प्राप्त हुए।
बापणी में इनका मंदिर है । भाद्रपद में कृष्ण जन्माष्टमी को मांगलिया राजपूत मेहाजी की अष्टमी मनाते हैं।
लोक मान्यता है कि इनकी पूजा करने वाले भोपा को वंश वृद्धि नहीं होती । वे गोद लेकर पीढ़ी आगे चलाते हैं।
किरड़ काबरा' घोड़ा मेहाजी का प्रिय घोड़ा था।
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